भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में बने INS विक्रांत को भारतीय नौसेना को समर्पित किया, इस मोके पर राजनाथ सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे।

INS विक्रांत 20 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ ह।  इसकी लम्बाई  262 मीटर और  चौड़ाई 62 मीटर है। यह युद्धपोत एक  तैरता हुआ एयरफ़ील्ड है। 

INS विक्रांत में कूल 18 मंज़िल हे, 1600 क्रू मेंबर की क्षमता  और 16-बेड का एक अस्पताल है। यह युद्धपोत  28 नॉट्स की अधिकतम रफ्तार के साथ एक बार में 7 हजार 500 नॉटिकल मील की दूरी तय कर सकता है।

स्वदेशी युद्धपोत INS विक्रांत  तैरता हुआ शहर है, इसमें इतनी पैदा होती है उससे 5,000 घरों को रौशन किया जा सके। इसका फ्लाइंग डेक भी दो फुटबॉल फ़ील्ड से बड़ा है.

INS विक्रांत युद्धपोत से फाइटर जेट्स, मिसाइलें, ड्रोन के जरिए दुश्मनों के नापाक मंसूबों को नेस्तनाबूत किया जा सकता है।  इस युद्धपोत से 32 बराक-8 मिसाइलें दागी जा सकेंगी। 

इसका का वजन 44,570 टन से अधिक हे, और यह 30 लड़ाकू जेट विमानों को समायोजित करने में सक्षम हे। और इसमें दृश्य सीमा से परे हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, निर्देशित बमों और रॉकेटों से परे जहाज-रोधी मिसाइल्स हे। 

INS विक्रांत युद्धपोत में विभिन्न विमानों को संभालने के लिए आधुनिक लॉन्च और रिकवरी सिस्टम हे। जैसे की मिग -29 के लिए लूना लैंडिंग सिस्टम और सी हैरियर के लिए डीएपीएस लैंडिंग सिस्टम.

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